@रायपुर : छत्तीसगढ़ में धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 के विरोध में मसीही समाज का आंदोलन तेज हो गया है। राजधानी रायपुर के तूता धरना स्थल पर संयुक्त मसीही समाज के बैनर तले हजारों लोग एकत्र हुए और राजभवन घेराव की कोशिश की।
प्रदर्शनकारियों ने विधेयक को “काला कानून” बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की। रैली के दौरान जोरदार नारेबाजी की गई और राज्यपाल से इस विधेयक को मंजूरी न देने की अपील की गई।
इस आंदोलन को मूलनिवासी संघ, भीम आर्मी सहित कई संगठनों का समर्थन भी मिला, जिससे प्रदर्शन और बड़ा हो गया।
इससे पहले 22 मार्च को रायपुर में टॉर्च मार्च निकाला गया था, जिसमें बड़ी संख्या में ईसाई समाज के लोग शामिल हुए थे। वहीं 23 मार्च को बस्तर संभाग में भी विरोध प्रदर्शन हुआ था और चेतावनी दी गई थी कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
मसीही संगठनों का कहना है कि यह कानून धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन करता है और इससे प्रार्थना सभाओं व सामाजिक गतिविधियों पर असर पड़ सकता है। वहीं, सरकार और अन्य संगठन इसे जबरन धर्मांतरण रोकने और सामाजिक संतुलन बनाए रखने के लिए जरूरी कदम बता रहे हैं।
फिलहाल प्रदेश में इस मुद्दे को लेकर माहौल गरमाया हुआ है और आने वाले दिनों में विरोध प्रदर्शन और तेज होने के संकेत हैं।


