@रायपुर: छत्तीसगढ़ के बस्तर को 31 मार्च तक नक्सल मुक्त घोषित करने की समयसीमा से ठीक पहले एक बड़ी खबर आई है। बस्तर का आखिरी बड़ा नक्सली लीडर पापाराव अपने 12 साथियों के साथ हथियार डालकर सरेंडर करने वाला है।
पापाराव उर्फ मंगू (56 वर्ष) सुकमा जिले का रहने वाला है। वह डंडकारण्य स्पेशल जोनल कमिटी (डीकेएसजेडसीएम) का सदस्य और वेस्ट बस्तर डिवीजन का सचिव है। सरकार ने उसके सिर पर 25 लाख रुपये का इनाम रखा हुआ है।
सूत्रों के अनुसार, पापाराव अपने साथियों के साथ कई घातक हथियारों (एके-47 राइफल सहित) को लेकर बस्तर पहुंच रहा है और बस्तर रेंज के उच्च अधिकारियों के सामने पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण करेगा। देवा के सरेंडर के बाद पापाराव बस्तर का सबसे बड़ा नक्सली कैडर माना जा रहा था। उसके सरेंडर के बाद बस्तर क्षेत्र को पूरी तरह नक्सल मुक्त माना जा रहा है।
पापाराव पर कई बड़े हमलों की योजना बनाने का आरोप है। सबसे चर्चित मामला कुटरू-बेदरे रोड पर आईडी ब्लास्ट का है, जिसमें 8 जवान शहीद हो गए थे। उसकी पत्नी पहले ही एक मुठभेड़ में मारी जा चुकी है।
पुलिस और सुरक्षा बलों के लगातार अभियानों के चलते नक्सल संगठन कमजोर पड़ रहा है। इससे पहले माड़वी हिड़मा, बसवाराजु, गणेश उइके जैसे 17 बड़े कैडरों का एनकाउंटर हो चुका है, जबकि देवा, भूपति, रूपेश, रामधेर समेत कई नक्सलियों ने पहले ही सरेंडर कर दिया था।
पापाराव के इस कदम को सुरक्षा बलों की बड़ी सफलता माना जा रहा है।


