रायपुर. श्री शंकराचार्य टेक्निकल कैंपस एवं श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित हैकथॉन- हैकबायोस 2025 आज अपने चरम बिंदु पर पहुँचते हुए भव्य समापन की ओर अग्रसर हुआ, जिसने छात्रों में नवाचार, तकनीकी समझ और वास्तविक जीवन की समस्याओं को हल करने की क्षमता को एक नए स्तर पर प्रदर्शित किया। यह 24 घंटे का सतत हैकथॉन देशभर के तकनीकी संस्थानों के विद्यार्थियों के लिए चुनौती और अवसर दोनों लेकर आया। प्रतिभागियों ने रातभर जागकर, टीमवर्क और रियल-टाइम कोडिंग के अनुभव के साथ, ऐसी तकनीकी अवधारणाएँ और प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए जिन्होंने दर्शाया कि भविष्य की तकनीक युवा भारत के हाथों में कितनी मजबूत होगी। हैकथॉन के समापन के अवसर पर कुलाधिपति, आई. पी. मिश्रा ने कहा कि हैकबायोस –2025 केवल एक तकनीकी प्रतियोगिता नहीं, बल्कि भविष्य के इंजीनियरों और नवप्रवर्तकों को तैयार करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा, “हमारे विद्यार्थी आज केवल तकनीक सीख नहीं रहे, बल्कि उसे समाज के लिए उपयोगी रूप में ढालने की क्षमता भी प्राप्त कर रहे हैं। हैकबायोस –2025 ने इस दिशा में एक मजबूत संदेश दिया है कि आने वाला तकनीकी भविष्य हमारे युवाओं के योगदान से ही निर्मित होगा।”

डॉ. जया मिश्रा, अध्यक्ष एसजीईएस ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि छात्रों द्वारा विकसित समाधान वास्तविक उद्योगों और सामाजिक समस्याओं के लिए अत्यंत लाभदायक सिद्ध हो सकते हैं। उन्होंने कहा, हैकबायोस –2025 में छात्रों ने जिस तरह से समस्या-आधारित समाधान प्रस्तुत किए हैं, वह हमारे शैक्षणिक गुणवत्ता और उनकी मेहनत, दोनों को प्रमाणित करता है।

कुलपति प्रो. डॉ. ए. के. झा ने अपने वक्तव्य में छात्रों की रचनात्मकता और समर्पण की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह हैकथॉन छात्रों को उद्योग जैसे वातावरण में कार्य करने का अनूठा अवसर देता है। श्री शंकराचार्य टेक्निकल कैंपस के निदेशक, डॉ. पी. बी. देशमुख ने हैकबायोस –2025 की सफलता को छात्रों, कोऑर्डिनेटर्स और तकनीकी टीम की मेहनत का परिणाम बताया। वहीं रजिस्ट्रार डॉ. स्मिता सेलेट ने अपनी प्रतिक्रिया में आयोजन की समग्र उत्कृष्टता की सराहना करते हुए कहा कि हैकबायोस –2025 ने संस्थान की तकनीकी क्षमता और आयोजन व्यवस्थापन दोनों में नया मानदंड स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि यह प्लेटफॉर्म छात्रों को बहुआयामी विकास, टीम-लीडरशिप और प्रोजेक्ट प्लानिंग का वास्तविक अभ्यास कराता है। उक्त कार्यक्रम प्रो. सिद्धार्थ चौबे के संयोजन में आयोजित की गई. 

प्रतियोगिता में सबसे प्रभावशाली प्रदर्शन एसआरएम विश्वविद्यालय, आंध्रप्रदेश की टीम का रहा, जिसने “सुरक्षा मेष इन माइनिंग” प्रोजेक्ट के माध्यम से प्रथम पुरस्कार अर्जित किया। इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य खदानों में काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था, जिसमें  सेंसर और डेटा मॉनिटरिंग तकनीक का उपयोग किया गया। वास्तविक समय में खतरे की पहचान, गैस लीक डिटेक्शन, स्थान निर्धारण और आपातकालीन अलर्ट जैसे फीचर्स इस प्रोजेक्ट में सम्मिलित थे, जो इसे सामाजिक दृष्टि से अत्यंत उपयोगी बनाते हैं।

द्वितीय पुरस्कार संयुक्त रूप से दो टीमों ने प्राप्त किया। रुंगटा इंजीनियरिंग कॉलेज की टीम ने अपने “फिशिंग डिटेक्शन” प्रोजेक्ट के माध्यम से साइबर सुरक्षा की समस्या को केंद्र में रखा। मौजूदा डिजिटल वातावरण में फिशिंग हमले एक बड़ा खतरा बन चुके हैं और इस प्रोजेक्ट ने उपयोगकर्ता की ईमेल और वेबसाइट सुरक्षा के लिए एक स्मार्ट डिटेक्शन सिस्टम तैयार किया। दूसरी ओर, एसएसटीसी भिलाई की टीम ने “हेल्थ केयर प्लेटफॉर्म” के माध्यम से स्वास्थ्य सुविधा को एकीकृत डिजिटल मंच पर लाने का प्रयास किया, जिसमें ऑनलाइन परामर्श, मरीज रिकॉर्ड प्रबंधन, दवा सुझाव, AI आधारित रोग पहचान और आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता जैसी सुविधाएँ शामिल थीं।

तृतीय पुरस्कार बीआईटी दुर्ग की टीम ने हासिल किया, जिनका नवाचारपूर्ण प्रोजेक्ट “आयरुसूत्रा वेबऐप डेवलपमेंट” अपने आधुनिक इंटरफेस, सुविधाजनक यूज़र अनुभव और तकनीकी स्थिरता के कारण विशेष रूप से सराहा गया। इन सभी विजेता टीमों ने यह सिद्ध किया कि तकनीक केवल जटिलता नहीं, बल्कि समाज के लिए व्यावहारिक समाधान का भी माध्यम है।

प्रतिभागी छात्रों ने भी हैकथॉन के अनुभव को अत्यंत प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों और संस्थानों से आए टीमों के साथ काम करने, उनसे सीखने और नए तकनीकी दृष्टिकोण जानने का अवसर मिला। कई छात्रों ने कहा कि यह हैकथॉन उनके करियर के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर रहेगा। वही दूसरी तरफ संविद 2025 के पहले दिन विभिन्न खेल कूद एवं रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया गया जिनमें रन द लॉजिक, डार्क डीबग, 404 एस्क नॉट फाउंड, बीजीएमआई, एमके–1, वेलोरेंट, टेकken–8 जैसे तकनीकी प्रतिस्पर्धाओं ने रोमांच बढ़ाया, वहीं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में नृत्य, संगीत, नाटक, फैशन शो, विनर्स परफॉर्मेंस और स्टैंड–अप कॉमेडी ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। खेल प्रतियोगिताओं में बैडमिंटन, आर्म रेस्लिंग, 30 यार्ड क्रिकेट, टग ऑफ वॉर, कैरम, शतरंज, कबड्डी, वॉलीबॉल और फुटसाल में विद्यार्थियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। कला वर्ग में रंगोली, फेस पेंटिंग, टैटू मेकिंग, क्रिएटिव फ्लोरल, ड्राइंग एवं स्केचिंग, फोटोग्राफी, हेयर क्राफ्ट, नेल आर्ट/मेहंदी और क्लासिकल पेंटिंग जैसी गतिविधियों ने रचनात्मकता का अद्भुत प्रदर्शन किया।